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पंडित दीनदयाल नगर जक्शन

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संगे मरमर की तू बात न कर मुझसे मैं अगर चाहूँ तो एहसास ऐ मोहब्बत लिखदु ताज महल भी झूख जाएगा चूमने के लिए में जो एक पत्थर पे राम नाम लिखदु जय श्री राम संगे मरमर की तू बात न कर मुझसे मैं अगर चाहूँ तो एहसास ऐ मोहब्बत लिखदु ताज महल भी झूख जाएगा चूमने के लिए में जो एक पत्थर पे राम नाम लिखदु जय श्री राम

श्रावण माह

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भक्ति ऐसी धड़कन बन जाए साँस आए तो नाम शिव का आए शिव भक्ति का नशा ऐसा छा जाए बंद हो आँखें भी तो नज़र मेरे भोलेनाथ ही आए हर हर महादेव !

राहुल गुप्ता योगी "सेवक"

राहुल गुप्ता योगी "सेवक"