संदेश

विजया एकादशी व्रत (Vijaya Ekadashi 2022) कब है? जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा बारे में सम्पूर्ण जानकारी

चित्र
विजया एकादशी व्रत (Vijaya Ekadashi 2022) कब है?   विजया एकादशी तिथि व शुभ मुहूर्त 2022 साल 2022 में विजया एकादशी का व्रत - 26 और 27 फरवरी दो दिन रहेगी।  एकादशी तिथि प्रारंभ होगा -  26 फरवरी प्रातःकाल 10 बजकर 39 मिनट पर ।  एकादशी तिथि समाप्त होगा - 27 फरवरी प्रातःकाल 8 बजकर 12 मिनट पर।  पूजा का शुभ मुहूर्त होगा -  26 फरवरी 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक।  विजय एकादशी व्रत के पारण का शुभ मुहूर्त - जो लोग 26 फरवरी को व्रत रखेंगे उनके लिए व्रत के पारण का समय - 27 फरवरी दोपहर 1 बजकर 43 मिनट से 4 बजकर 1 मिनट तक और  जो लोग 27 फरवरी को व्रत रखेंगे उनके लिए व्रत के पारण का समय  28 फरवरी सुबह 6 बजकर 48 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक। दोस्तों आज की इस लेख में बस इतना ही था अगर आपको ये लेखt पसंद आई है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर  FACEBOOK  और  TWITTER  पर  Share  कीजिये और ऐसे ही नई जानकारी पाने के लिए हमें  SUBSCRIBE  जरुर करे। 🙏  धन्यवाद  🙏

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (National Safety Day) सप्ताह कब मनाया जाता है?

चित्र
4 मार्च 1966 को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की स्थापना की गई। एक सप्ताह तक यह दिवस जिस जगह मनाया जाता है वहां उस स्थान और उसके चारों ओर की जगह की सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा दिया जाता है लेकिन इस प्रकार की सुरक्षा के लिए जनता को जागरूक करना केवल हमारे परिषद की ही जिम्मेदारी नहीं है बल्कि उसमें हर व्यक्ति का सहयोग होना जरुरी है।  तब यह सुरक्षा दिवस राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा शुरू किया गया था और इस प्रकार लोगों ने इस अभियान का समर्थन करना शुरू किया और इस प्रकार लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में पता चला। इससे पहले 1930 में, एक जर्मन वैज्ञानिक, एचडब्ल्यू हेनरिक ने घोषणा की थी कि दुर्घटना सभी के लिए होती है, लेकिन यह जानबूझकर नहीं किया जाता है। यह भी पढ़ें: 👉 International Women's Day History in Hindi   तब इस दिन भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने की शुरुआत की। उसके बाद से औद्योगिक दुर्घटनाओं की दर कुछ कमी आई है। यह अभियान लोगों की सुरक्षा और आवश...

जमशेदजी टाटा (Jamsetji Tata) जयंती और पुण्यतिथि कब है?

चित्र
जमशेदजी टाटा (Jamsetji Tata) उद्योग जगत के लिए हमेशा प्रेणना के स्रोत रहे है। उन्होंने न केवल शून्य से कारोबार की शुरुआत की, बल्कि एक औद्योगिक घराना भी स्थापित किया, जो वर्षों से व्यवसाय के साथ-साथ नैतिकता का भी ध्यान रख रहा है। अनेकों बार टाटा ग्रुप में व्यवसाय के लाभ-हानि को हुए  देश और समाज के जरूरतों को ज्यादा महत्त्व दिया। यही कारण है कि टाटा कंपनी सबसे भरोसेमंद ब्रांड बनकर उभरी और लोगों के दिलो दिमाग पर छा गई।  यह भी पढ़ें:  स्वामी महावीर जयंती और जीवन इतिहास  जमशेद जी टाटा कौन थे? और उनका जीवन परिचय Jamsetji Tata Biography in Hindi  जमशेदजी टाटा भारत के महान उद्योगपति और टाटा समूह के संस्थापक थे, जो विश्व प्रसिद्ध औद्योगिक घराने थे। उनका जन्म 3 मार्च 1839 को गुजरात के एक छोटे से शहर नवसारी में हुआ था। उनके पिता का नाम नौशेरवांजी और उनकी माता का नाम जीवन बाई टाटा था। नौशेरवानजी पारसी पुजारियों के अपने परिवार में पहले व्यवसायी थे। किस्मत उन्हें बॉम्बे ले आई, जहां उन्होंने व्यवसाय (व्यवसाय) में उद्यम किया। यह भी पढ़ें: 👉...

संकष्टी चतुर्थी 2021 में (Sankashti Chaturthi) कब है? जाने शुभ मुहूर्त, तिथि, पूजा विधि एवं इसके महत्त्व में

चित्र
भगवान गणेश जी को प्रथम पूज्य देव माना गया है, इसलिए हर शुभ कार्य करने से पहले उन्हें ही पूजा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का व्रत कृष्ण पक्ष चतुर्थी को रखा जाता है।  संकष्टी चतुर्थी का पर्व भगवान गणपति जी को समर्पित होता है। प्रत्येक माह में दो बार चतुर्थी तिथि पड़ता है। संकष्टी चतुर्थी   पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना किया जाता है मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी व्रत और पूजा-पाठ करने से सुख-समृद्धि, धन, ज्ञान और बुद्धि मेंवृद्धि होती है।  संकष्टी चतुर्थी का अर्थ संकट को हरने वाली चतुर्थी है।  संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने वाले भक्त का हर दुःख विघ्नहर्ता हर लेते है। आज हम आपको इस लेख में मार्च माह में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कुछ महाउपायों के बारे में बताएंगे।  यह भी पढ़ें:   महाशिवरात्रि शुभ मुहूर्त पूजा विधि संकष्टी चतुर्थी 2021 संकष्टी चतुर्थी का महत्त्व Sankashti Chaturthi Ka Mahatv  भगवान गणपति जी में आस्था रखने वाले लोग संकष्टी चतुर्थी के दिन...

बलिया: इस ऐतिहासिक और साहसिक कार्य के लिए डिप्टी कलेक्टर और इस मीडिया संस्थान ने इस स्कूल के प्रबंधक को सम्मानित किया, जानिए पूरा कार्यक्रम

चित्र
बलिया: इस ऐतिहासिक और साहसिक कार्य के लिए डिप्टी कलेक्टर और इस मीडिया संस्थान ने इस स्कूल के प्रबंधक को सम्मानित किया, जानिए पूरा कार्यक्रम सिकंदरपुर (बलिया, उत्तर प्रदेश)। तहसील क्षेत्र के काठघर बंशीबाजार में स्थित शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी शैक्षिक संस्थान। एस एस। गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी एकेडमी द्वारा मंगलवार 16 फरवरी को शिक्षा सत्र 2019-20 के लिए सभी शुल्क माफ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिससे वैश्विक कोरोना महामारी के कारण वित्तीय संकट का सामना कर रहे छात्रों, छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली। फीस माफी की घोषणा की गई। प्रबंधक के इस फैसले के बाद एक तरफ जहां अभिभावकों को बड़ी राहत मिली वहीं विद्यालय प्रबंधन पर लगभग 34 लाख रूपये का अतिरिक्त बोझ भी आया। फीस माफी की घोषणा के बाद, स्कूल के प्रिंसिपल, जय प्रताप सिंह गुड्डू को बधाई देने के लिए व्यक्तियों और अभिभावकों को भेजने की प्रक्रिया अब तक जारी है। उस क्रम में आर। एस गुरुकुल के एकेडमी एकेडमी के मैनेजर जय प्रताप सिंह गुड्डू 24 फरवरी को उड़ान देने के फ़ैसले के फैसले से प्रभावित और अभिभूत थे, सुभाष कुमार सिंह, सब-ड...

केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस (Central Excise Day) कब मनाया जाता है

चित्र
देशभर में हर साल 24 फरवरी को केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस मनाया जाता है। इसी दिन 1944 में केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नमक कानून अधिनियम बनाया गया था।  देश के औद्योगिक विकास में  केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस विभाग ने करों का भुगतान आसान करने के लिए कर प्रणाली में सुधार किया और तकनीकों के प्रयोग को बढ़ाया।  यह भी पढ़ें: 👉 International Women's Day History in Hindi   केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस कब मनाया जाता है?  केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत भारत में हर साल 24 फरवरी को केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस मनाया जाता है। केंद्रीय उत्पाद शुल्क एक अप्रत्यक्ष कर है, जो आज जनता को शायद ही पता हो। माल का उत्पादन 24 फरवरी 1944 को शुरू हुआ उत्पादन पर लगाया जाता है। इसलिए 24 फरवरी को केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह भी पढ़ें: 👉  23 March 1931 Shahid Diwas केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस का इतिहास देश का औद्योगिक विकास तभी संभव है जब देशवासी उत्पाद शुल्क भरते हैं इसके प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत को समझते हुए ये द...

जया एकादशी (Jaya ekadashi 2021) कब है? जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा बारे में

चित्र