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क्या आप जानते है शहीद दिवस (Martyrs Day) कब मनाया जाता है?

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भारत की स्वतंत्रता में तीन ऐसे बहादुर बेटे हैं। जिनकी शहादत ने देश के युवाओं में स्वतंत्रता के लिए एक अभूतपूर्व जागृति पैदा की। देशभक्त सुखदेव, भगत सिंह और राजगुरु को ब्रिटिश सरकार ने 23 मार्च   23 March को लाहौर षड़यंत्र केस में फाँसी दे दी।  इन नायकों को दंडित करके, ब्रिटिश सरकार ने सोचा कि भारत के लोग डर जाएंगे और स्वतंत्रता की भावना को भूलकर विद्रोह नहीं करेंगे। लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं हुआ, लेकिन शहीद होने के बाद, भारत के लोगों ने स्वतंत्रता के लिए अपने सर्वोच्च बलिदान इस तरह से दिया कि भारत माता के हजारों बेटों ने सिर पर कफन बांधकर अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया। यह भी पढ़ें:  👉  23 March 1931 Shahid Diwas   शहीद दिवस  शहीद दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?  देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता आंदोलन में कई वीर सपूतों ने देश के लिए बलिदान दे दिया था अपने जान को हसते-हसते कुर्बान कर देने वाले वीर सपूतों को हर वर्ष किसी न किस अवसर पर जरूर याद किया जाता है। लेकिन हर वर्ष 23 मार्च (23 March) का दिन शहीद दिवस   Shahid Diw...

क्या आप जानते है विश्व जल दिवस (World Water Day) कब है

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ऐसा कहा जाता है कि कोई व्यक्ति बिना खाए कई दिनों तक जीवित रह सकता है, लेकिन बिना पानी पिए उसका जीवन केवल दो या तीन दिनों तक रह सकता है। पानी जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है, यह इस बात से पता चलता है कि हमारे शरीर का अधिकांश हिस्सा भी पानी है। लेकिन इस तरह के उच्च महत्व वाले पानी के प्रति हमारा रवैया बहुत सरल और सावधान है।  आज हम आपको इस लेख में विश्व जल दिवस के बारे में बताएँगे  जैसे -  Speech on Water in Hindi, Water Essay in Hindi, Essay on Water in Hindi, 22 मार्च को कौनसा दिवस मनाया जाता है, विश्व जल दिवस कब मनाया जाता है, क्यों मनाया जाता है, कैसे मनाया जाता है, इसका इतिहास क्या है इत्यादि विषयो पर चर्चा करेंगे।  यह भी पढ़ें: 👉  23 March 1931 Shahid Diwas    विश्व जल दिवस  विश्व जल दिवस कब मनाया जाता है? विश्व जल दिवस  World Water Day  हर साल 22 मार्च को पुरे विश्व भर में मनाया जाता है । आज दुनिया के हर कोने में पानी का संकट सा फैला हुआ है। लगभग हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। दुनिया औद्योगिकीकरण की राह पर...

क्या आप जानते है विश्व कठपुतली दिवस (World Puppetry Day) कब है ?

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विश्व कठपुतली दिवस का इतिहास  विश्व कठपुतली दिवस की शुरुआत 21 मार्च 2003 को फ़्रांस में की गई थी। इस दिवस को मनाने का विचार ईरान के कठपुतली  प्रस्तोता जावेदा जोलपाघरी के मन में आया था। वर्ष 2000 माग्डेबुर्ग ने 18वीं यूनआईएमए सम्मलेन के दौरान यह प्रस्ताव विचार के हेतु रखा गया। 2 वर्षों के बाद इसे जून 2002 के महीने में अटलांटा काउंसिल द्वारा खुशी से स्वीकार किया गया था। यह पहली बार वर्ष 2003 में मनाया गया था, तब से यह दिन भारत और दुनिया के अन्य देशों में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।  विश्व कठपुतली दिवस यह भी पढ़ें: 👉  23 March 1931 Shahid Diwas कठपुतली का इतिहास बहुत पुराना है, छठी शताब्दी ईसा पूर्व में, पाणिनी की अष्टाध्यायी ने नाट्यसूत्र में पुतला नाटक का उल्लेख किया है। कुछ लोग कठपुतली के जन्म के बारे में पौराणिक कथा का उल्लेख करते हैं, कि शिवजी ने काठ की मूर्ति में प्रवेश करके और  पार्वती  का मन बनाकर इस कला की शुरुआत की। कहानी सिंहासन बत्तीसी में विक्रमादित्य के सिंहासन के बत्तीस पुतलों का भी उल्लेख है। यह भी पढ़ें: 👉...

क्या आप जानते है विश्व गौरैया दिवस (World Sparrow Day) कब है?

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गौरैया एक पक्षी है जिसके बारे में आप अच्छे से जानते होंगे। ये पक्षी नार्मली हमारे घर की छतों पर, पेड़ों पर बहुत आसानी से देखा जा सकता था। आज स्थिति ये है कि ये जल्दी दिखाई नहीं देती है क्यों किसी कारण संकट ग्रस्त जाती में शामिल कर दिया गया है। शायद इसी जागरूकता के तहत विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। गौरैया के कई फायदे भी है इसीलिए गौरैया विलुप्त हो रही है और उसको बचाना है इसी जागरूकता के तहत गौरैया दिवस मनाया जाता है।  विश्व गौरैया दिवस  यह भी पढ़ें: 👉  23 March 1931 Shahid Diwas विश्व गौरैया दिवस कब मनाया जाता है?   विश्व गौरैया दिवस World Sparrow Da y प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को पुरे देश भर में मनाया जाता है। इस पक्षी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसके संरक्षण या बचाव के लिए विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। गौरैया भारत में पाया जाने वाला एक सामान्य सा पक्षी है लेकिन इसे शहरी और नगरीय क्षेत्रों में  ख़त्म होने के कगार पर पहुंचा दिया गया है। आज इनकी संख्या बिलकुल ना के बराबर हो गई है। ना ही ये छतों पर दिख रह...

क्या आप जानते है राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (National Vaccination Day) कब मनाया जाता है?

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भारत में हर साल 16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस  National Vaccination Day  मनाया जाता है। लोगों को समय पर रोके जाने वाले टीकों के खिलाफ टीकाकरण के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए दिवस मनाया जाता है। यह भी पढ़ें: 👉  23 March 1931 Shahid Diwas टीका या टीकाकरण किसे कहा जाता हुआ?  किसी बीमारी के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित करने के लिए, जप की दवा खिलाया जाता है / खिलाया जाता है या किसी रूप में दिया जाता है, इसे टीका कहा जाता है और इस क्रिया को टीकाकरण कहा जाता है। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए टीकाकरण को सबसे प्रभावी और सस्ता तरीका माना जाता है। टीके एंटीजेनिक पदार्थ होते हैं। टीके के रूप में दी जाने वाली दवा या तो जीवित है लेकिन रोगजनक बैक्टीरिया या वायरस के कमजोर पड़ने या इसे मार दिया जा सकता है या अप्रभावी हो सकता है या यह प्रोटीन जैसे किसी भी शुद्ध पदार्थ आदि हो सकते हैं। भारत में सबसे पहले चेचक की कोशिश 200 ईसा में की गई थी। । यह भी पढ़ें: 👉  हिन्दू युवा वाहिनी स्थापना दिवस हमारे देश में, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत, हर 15 वर्ष तक ...

विजया एकादशी व्रत (Vijaya Ekadashi 2022) कब है? जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा बारे में सम्पूर्ण जानकारी

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विजया एकादशी व्रत (Vijaya Ekadashi 2022) कब है?   विजया एकादशी तिथि व शुभ मुहूर्त 2022 साल 2022 में विजया एकादशी का व्रत - 26 और 27 फरवरी दो दिन रहेगी।  एकादशी तिथि प्रारंभ होगा -  26 फरवरी प्रातःकाल 10 बजकर 39 मिनट पर ।  एकादशी तिथि समाप्त होगा - 27 फरवरी प्रातःकाल 8 बजकर 12 मिनट पर।  पूजा का शुभ मुहूर्त होगा -  26 फरवरी 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक।  विजय एकादशी व्रत के पारण का शुभ मुहूर्त - जो लोग 26 फरवरी को व्रत रखेंगे उनके लिए व्रत के पारण का समय - 27 फरवरी दोपहर 1 बजकर 43 मिनट से 4 बजकर 1 मिनट तक और  जो लोग 27 फरवरी को व्रत रखेंगे उनके लिए व्रत के पारण का समय  28 फरवरी सुबह 6 बजकर 48 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक। दोस्तों आज की इस लेख में बस इतना ही था अगर आपको ये लेखt पसंद आई है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर  FACEBOOK  और  TWITTER  पर  Share  कीजिये और ऐसे ही नई जानकारी पाने के लिए हमें  SUBSCRIBE  जरुर करे। 🙏  धन्यवाद  🙏

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (National Safety Day) सप्ताह कब मनाया जाता है?

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4 मार्च 1966 को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की स्थापना की गई। एक सप्ताह तक यह दिवस जिस जगह मनाया जाता है वहां उस स्थान और उसके चारों ओर की जगह की सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा दिया जाता है लेकिन इस प्रकार की सुरक्षा के लिए जनता को जागरूक करना केवल हमारे परिषद की ही जिम्मेदारी नहीं है बल्कि उसमें हर व्यक्ति का सहयोग होना जरुरी है।  तब यह सुरक्षा दिवस राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा शुरू किया गया था और इस प्रकार लोगों ने इस अभियान का समर्थन करना शुरू किया और इस प्रकार लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में पता चला। इससे पहले 1930 में, एक जर्मन वैज्ञानिक, एचडब्ल्यू हेनरिक ने घोषणा की थी कि दुर्घटना सभी के लिए होती है, लेकिन यह जानबूझकर नहीं किया जाता है। यह भी पढ़ें: 👉 International Women's Day History in Hindi   तब इस दिन भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने की शुरुआत की। उसके बाद से औद्योगिक दुर्घटनाओं की दर कुछ कमी आई है। यह अभियान लोगों की सुरक्षा और आवश...