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नाग पंचमी कब है 2025? जानें तारीख और समय | Nag Panchami 2025 Date, Pooja Vidhi, Story, Essay in Hindi

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नाग पंचमी कब है? | Nag Panchami Kab Hai 2025 Date, Pooja Vidhi, Story in Hindi शास्त्रों के अनुसार नागों की पूजा की परंपरा काफी प्राचीन है। बहुत सी जगहों पर नागों को देवता मानकर उनकी पूजा का विधान है। श्रावण मास में आने वाली नागपंचमी का पर्व नागों की पूजा के लिए विशेष होता है।  हर साल नागपंचमी का पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। ये पर्व नाग देवता को समर्पित है इस दिन व्रत व नाग देव का पूजन करते है।  नाग को भगवान भोलेशंक र अपने गले में धारण करते है सावन माह के आराध्य देव भगवान शिव है। इसलिए जो सावन माह की नागपंचमी के दिन नागों की पूजा करता है तो भगवान शिव उसे अति प्रसन्न होते है और उसे मनचाहा वरदान देते है।  य ह भी पढ़ें: रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है और कब है? जानिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त | Raksha Bndhan in 2025 इस दिन नागदेवता की पूजा का विधान है लेकिन इसके अलावा इस दिन कई ऐसे कार्य है जिसे हमें भूलकर भी नहीं करना चाहिए वर्ना उसका बुरा प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है और इस दिन कई ऐसे कार्य है जो हमें करने चाहिए जिससे हमरे जीव...

गणतंत्र दिवस 2025: कैसे मनाएं यह राष्ट्रीय पर्व? | 26 january kyu manaya jata hai

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गणतत्र दिवस अन्य राष्ट्रीय पर्वों की भांति बहुत महत्वपूर्ण है। 26 जनवरी 1950 के ही दिन हमारे देश में नये संविधान को लागू किया गया था। यह संविधान बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के परिश्रम और विवेक से तैयार हुआ था। इस संविधान को लागू कर के हमने अपने राष्ट्र को पूर्ण सत्ता संपन्न धर्म निरपेक्ष गणतंत्र घोषित किया था। इसीलिए 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह भी पढ़ें:   स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है | गणतंत्र दिवस 26 जनवरी  ( 26 January)  को ही क्यों मनाया जाता है? इसका एतिहासिक और सांस्कृतिक महत्त्व क्या है? भारत ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ और 26 जनवरी 1950 में पहली बार भारत में गणतंत्र दिवस मनाया गया ।   क्या आप जानते है की गणतंत्र दिवस आखिर 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है? इसका एतिहासिक और सांस्कृतिक महत्त्व क्या है?, 26 january kyon manaya jata hai,  Republic Day Essay इत्यादि------------ यह भी पढ़ें: 👉 International Women's Day History in Hindi गणतंत्र दिवस 26 जनवर...

रविन्द्र नाथ टैगोर जयंती और पुण्यतिथि कब है 2025 | rabindranath tagore in hindi

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मेरा घर सब जगह है, मैं इसे उत्सुकता से खोज रहा हूँ।  मेरा देश भी सब जगह है, इसे मैं जीतने के लिए लड़ूंगा।  प्रत्येक घर में मेरा निकटतम सम्बन्धी रहता है, मैं उसे रह स्थान पर तलाश करता हूँ।                          गुरुदेव रविन्द्र नाथ टैगोर रविंद्र नाथ टैगोर की पुण्यतिथि  यह भी पढ़ें: परशुराम जयंती और पौराणिक कथा शायद यह एक खोज थी कि वह अक्सर टक के लिए अपनी खिड़की के माध्यम से प्रकृति को घूरता रहेगा। वह स्वयं प्रकृति से बात करने लगता था। ऐसा प्रतीत होता है जैसे एक खुला नीला आकाश, चहकते हुए पक्षी, हरियाली, ठंडी हवा और प्रकृति की हर चीज उन्हें अपने पास बुला रही है। रविंद्र नाथ टैगोर की  जयंती   वह कल्पना की मोहक दुनिया में खो जाता यह दुनिया उसे बहुत ही सुन्दर और मनोहारी लगता। यह उसका प्रकृति के प्रति आकर्षक और कल्पनाशीलता ही थी की मात्र आठ वर्ष की आयु में ही वह कविता रचने लगा। उस समय किसी ने सोचा भी नहीं था की वह बड़ा होकर यह बालक महान साहित्यकार, चित्रकार और विचारक रविन्द्र ना...