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अनंत चतुर्दशी कब है और क्यों मनाते हैं | Anant Chaturdashi Kab Hai 2025 Date, Puja Vidhi, Vrat Katha in Hindi

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हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनन्त चतुर्दशी मनाया जाता है। अनंत चतुर्दशी के दिन अनंत देव की पूजा किया जाता है, अनंत देव भगवान विष्णु का रूप माने जाते है। इस व्रत को विपत्ति से उबारने वाला व्रत कहा जाता है। शास्त्रों में अनंत चतुर्दशी का बड़ा महत्व बताया गया है। अनंत चतुर्दशी को अनंत चौदस के नाम से भी जानते है। इस पूजा में अनंत सूत्र का विशेष महत्त्व है इस दिन भगवान अनन्त देव को सूत्र चढ़ाया जाता है और पूजा के बाद उस सूत्र को रक्षा सूत्र अथवा अनंत देव के तुल्य मानकर हाथ में धारण किया जाता है। यह सूत्र हर संकट से रक्षा करता है। दोस्तों अनंत राखी के समान सूत्र या रेशम के धागे का और इसमें चौदह गाँठे लगी होती है जो भगवान श्री हरी विष्णु के चौदह लोकों के प्रतिक माना गया है इस अनंत रूपी धागे को पूजा में भगवान विष्णु पर चढ़ाकर व्रती अपने बाजु में बांधते है। इस दिन भगवान विष्णु जी के अनंत स्वरूप की पूजा किया जाता है मान्यता है कि जो भी आज के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु जी की पूजा करता है और अनंत सूत्र को बांधता है तो उसके जीव...

कारगिल विजय दिवस क्यों मनाया जाता है | kargil vijay diwas kab manaya jata hai

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16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान से बांग्लादेश की आजादी के लिए युद्ध के दौरान पाकिस्तान पर अपनी सैन्य जीत दर्ज की गई। विजय दिवस पर भारतीय बहादुरों की वीरता और बलिदान को सलाम करना, जिन्होंने 1971 में बांग्लादेश के जन्म के समय पाकिस्तान पर भारत की जीत का नेतृत्व किया, जब 93K पाकिस्तानी सैनिकों ने सफेद झंडे उठाए और आत्मसमर्पण किया। यह भी पढ़ें: 👉 राष्ट्रीय युवा दिवस कारगिल विजय दिवस पाकिस्तान सशस्त्र बलों के 93,000 अधिकारियों और सैनिकों ने ढाका में अपने हथियार आत्मसमर्पण कर दिए। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा आत्मसमर्पण। 16 दिसंबर पाकिस्तान के इतिहास का वह दिन है।  जब खून और आंसुओं के साथ एक कहानी लिखी गई थी और जब भी 16 दिसंबर की घटना का उल्लेख होता है तो दिल खून के आंसू बहाते हैं। वह त्रासदी जिसने आत्माओं को झकझोर दिया। जिस पीड़ा को हम भूल नहीं सकते। यह भी पढ़ें: 👉  गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है? 16 दिसंबर आत्माओं को चकनाचूर कर दिया। विजय दिवस Vijay Diwas पर, आज हम अपने सैनिकों और शहीदों को नमन करते हैं जिन्होंने भारत-...

राष्ट्रीय युवा दिवस कब मनाया जाता है | yuva diwas kab manaya jata hai

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विश्व में भारतीय संस्कृति का परचम लहराने वाले  सम्पूर्ण विश्व में भारतीय संस्कृति की सुगन्ध बिखेरने वाले युवा सन्यासी, प्रकाण्ड विद्वान “युग प्रवर्तक”   स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ-अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि नमन देश के समस्त युवाओं को "राष्ट्रीय युवा दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं।    राष्ट्रीय युवा दिवस  संभव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है, असम्भव से आगे निकल जाना। ऐसा सन्देश युवाओं को देने वाले प्रेरणास्त्रोत, समाजसुधारक 'स्वामी विवेकानंद' जी है। राष्ट्रीय युवा दिवस ( National Youth Day)  युवाओं के लिए समर्पण दिवस है। यह अलग-अलग देशो द्वारा अलग-अलग तारीखों में मनाया जाता है। भारत 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस ( National Youth Day)   के रूप में मनाता है। संयुक्त राष्ट्र 12 अगस्त को को राष्ट्रीय युवा दिवस (Yuva Diwas)  मानाने के लिए समहत हुआ। इस लेख के जरिये हम राष्ट्रीय युवा दिवस ( rashtriya yuva diwas)  और युवा की शक्तियों के बारे में जानेंगे। किसी भी देश का भविष्य युवाओं पर निर्भर रहता है। नई प्र...

विश्वकर्मा पूजा क्यों मनाया जाता है | Vishwakarma Jayanti Kab Hai 2025 Date, Puja Vidhi, Katha in Hindi

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विश्वकर्मा पूजा के दिन उद्योगो, फैक्ट्री और हर तरह की मशीन का पूजा किया जाता है।  भगवान विश्वकर्मा जी को दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर माना जाता है, मान्यता है कि हर साल कन्या संक्रांति को विश्वकर्मा पूजा होता है। इस दिन विश्वकर्मा भगवान जी का जन्म हुआ था। इस दिन विश्वकर्मा जी की पूजा करने से जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन के के देवता के रूप में जाना जाता है। हिन्दू मान्यताओं  अनुसार देवताओं के अस्त्र-शास्त्र व सोने की लंका, पुष्पक विमान, इंद्र का वज्र, भगवान शिव जी का त्रिशूल, पाण्डवों की इन्द्रप्रस्त नगरी, भगवान कृष्ण जी की द्वारिका भगवान विश्वकर्मा जी द्वारा बनाया गया है।  इस वजह से निर्माण और सृजन से जुड़े लोग विश्वकर्मा जयंती के दिन श्रद्धा भाव से पूजा करते है। आज हम आपको इस लेख में साल 2025 विश्वकर्मा पूजा की शुभ तिथि, विश्वकर्मा पूजा कब है, विश्वकर्मा जयंती कब है 2025, विश्वकर्मा जयंती कब मनाई जाती है, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, विश्वकर्मा जी का जीवन परिचय, और इस दिन कौन से नियमों का पालन करन...

माँ दुर्गा के 108 नाम | Maa Durga Ke 108 Naam pdf

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माँ दुर्गा के 108 नामों का जाप विशेष रूप से उनकी विविधता और शक्ति का प्रतीक है। ये नाम उनके विभिन्न रूपों, गुणों और शक्तियों का वर्णन करते हैं। प्रत्येक नाम का अपना विशेष महत्व है और उसे ध्यान में रखकर पूजा करने से भक्तों को माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। दुर्गा जी के 108 नाम उनके विभिन्न स्वरूपों और गुणों को प्रकट करते हैं। ये नाम श्रद्धालुओं द्वारा भक्ति और पूजन के दौरान जप किए जाते हैं। यहाँ  दुर्गा जी के 108 नाम हिंदी में दिए गए हैं:   माँ दुर्गा के 108 नाम  दुर्गा जी के 108 नाम हिंदी में pdf 1. सती 2. साध्वी 3. भवप्रीता 4. भवानी 5. भवमोचनी 6. आर्या 7. दुर्गा 8. जया 9. आद्या 10. त्रिनेत्रा 11. शूलधारिणी 12. पिनाकधारिणी 13. चित्रा 14. चन्द्रघण्टा 15. महातपा 16. मन: 17. बुद्धि: 18. अहंकारा 19. चित्तरूपा 20. चिता 21. चिति: 22. सर्वमन्त्रमयी 23. सत्ता 24. सत्यानन्दस्वरूपिणी 25. अनन्ता 26. भाविनी 27. भव्या 28. अभया 29. अनघा 30. ज्वाला 31. वन्द्या 32. सर्वसिद्धिदा 33. सर्वज्ञा 34. सर्वशक्तिमयी 35. सर्वेश्वरी 36. सर्वमयी 37. सर्वमङ्गला 38. सर्वसौभाग्यदायिनी 39. ...