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जया एकादशी (Jaya ekadashi 2021) कब है? जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा बारे में

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क्या आप जानते है सरोजिनी नायडू (Sarojini Naidu) की जयंती कब है?

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जब भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख नेत्रियों की बात होती है तो सरोजिनी नायडू का नाम अवश्य लिया जाता है। उर्दू, बांग्ला, तेलगु, इंग्लिश जैसी कई भाषाएं जानने वाली वो कवियत्री जिसके मुख से शब्द ऐसे झरते थे जैसे आकाश से मेघ। वाणी में इतना सम्मोहन था कि महात्मा गांधी ने एक पत्र में प्यार से बुलबुल कहा और सरोजिनी नायडू भारत कोकिला बन गई। सरोजनी नायडू भारत कोकिला के साथ-साथ एक क्रांतिकारी देशभक्त और कुशल राजनीतिज्ञ भी थीं। उन्होंने राजनितिक क्षितिज को विशेष आभा प्रदान की। सरोजनी नायडू उन रत्नों में से एक थीं जिन्हे गोखले और गाँधी जैसे महान  नायकों ने गड़कर महिमामण्डित किया था। यह भी पढ़ें:  स्वामी महावीर जयंती और जीवन इतिहास    सरोजनी नायडू का जीवन परिचय  सरोजनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हुआ था। वह अपने आठ भाई-बहनों में सबसे बड़ी थीं। सरोजनी के पिता श्री अघोरनाथ चट्टोपाध्याय अपने समय के विख्यात वैज्ञानिक तथा समाज सुधारक थे। सरोजनी नायडू को ये गुण अपने माता-पिता से मिले थे। वह प्रतिभावान विद्यार्थी थीं। वह बाल्यावस्था से ही कविता लिखने लगी थी। 13...

क्या आप जानते है स्वामी दयानन्द सरस्वती (Swami Dayanand Saraswati) जयंती कब है

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स्वामी दयानंद सरस्वती  Swami Dayanand Saraswati  अपने महान व्यक्तित्व एवं विलक्षण प्रतिभा के कारण जनमानस के हृदय में विराजमान है। स्वामी दयानंद सरस्वती उन महान सन्तों में अग्रणी हैं जिन्होंने देश में प्रचलित अंधविश्वास, रूढ़िवादिता, विभिन्न प्रकार के आडम्बरों व सभी अमानवीय आचरणों का विरोध किया। हिंदी को राष्ट्र भाषा के रूप में मान्यता देने तथा हिन्दू धर्म के उत्थान व इसके स्वाभिमान को जगाने हेतु स्वामी जी के महत्वपूर्ण योगदान के लिए भारतीय जनमानस हमेशा स्वामी जी का ऋणी रहेगा।  यह भी पढ़ें:  स्वामी महावीर जयंती और जीवन इतिहास  स्वामी दयानन्द सरस्वती का जीवन परिचय  उन्नीसवीं शताब्दी के महान समाज-सुधारकों में स्वामी दयानन्द सरस्वती का नाम अत्यंत श्रद्धा के साथ लिया जाता है। जिस समय भारत में चरों ओर पाखंड और मूर्ति-पूजा का बोल-बाला था। स्वामी जी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने भारत में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए 1876 में हरिद्वार के कुम्भ मेले के अवसर पर पाखण्डखंडिनी पताका फहराकर पोंगा-पंधियों को चुनौती दी। उन्हों...

दीनदयाल उपाध्याय (Deendayal Upadhyay) जयंती और पुण्यतिथि कब है?

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक भारतीय विचारक, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, इतिहासकल और भारतीय जनसंघ (भारतीय जनता पार्टी) के अध्यक्ष भी बने, उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान भारत द्वारा पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता और पश्चिमी लोकतंत्र का आंख बंद कर समर्थन का विरोध किया। यद्यपि उन्होंने लोकतंत्र की अवधारणा को सरलता से स्वीकार कर लिए, लेकिन पश्चिमी कुलीनतंत्र, शोषण और पूँजीवाद को भरने से साफ इंकार कर दिया था। इन्होने अपना जीवन लोकतंत्र को शक्तिशाली बनाने और जनता की बातों को आगे रखने में लगा दिया।  दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि  जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी राष्ट्र को समर्पित कर अपने प्रखर विचारों व व्यापक चिंतन से आने वाले समय में राजनीती ही नहीं परम राष्ट्रनीति की नयी परिभाषा दी। उनके सिद्धांतो ने एक ऐसे संगठन की नींव रखी जो आने वाले समय में देश की नीति का निर्धारण करने वाला था। दीनदयाल जी वहुआयामि व्यक्तित्व के धनी थे इस महान व्यक्तित्व में कुशल चिंतक संगठन शास्त्री, शिक्षा वेद, राजनीतिज्ञ, वक्ता व लेखक का प्रतिविम्ब था।  क्या आप जानते है?  पंडित दीनदयाल उपाध्याय ( ...

षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi) कब है? जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा बारे में

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षटतिला एकादशी 

विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day) कब मनाया जाता है?

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 विश्व आर्द्रभूमि दिवस कब मनाया जाता है? सम्पूर्ण विश्व में प्रतिवर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है। 2 फरवरी 1971 को विश्व के विभिन्न देशों ने ईरान के रामसर में विश्व की आर्द्रभूमियों  संरक्षण के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किये थे, इसलिए इस दिन विश्व भर में World Wetlands Day अथवा विश्व आर्द्रभूमि दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह भी पढ़ें: 👉 International Women's Day History in Hindi     आर्द्रभूमि किसे कहते हैं? आर्द्रभूमि का अर्थ है नमी या दलदली क्षेत्र अथवा पानी से संतृप्त (सेचुरेटेड) भूभाग को आर्द्रभूमि कहते है। जैवविविधता के दृष्टि से आर्द्रभूमियां अत्यंत संवेदनशील होती है। ईरान के रामसर शहर में कन्वेंशन के अनुसार आर्द्रभूमि उस स्थान को माना जाता है जहां वर्ष के आठ माह पानी भरा रहता है। आर्द्रभूमि मिट्टी झील, नदी, विशाल तालाब के किनारे का हिस्सा होता है जहां भरपूर नमी पाया जाता है। आर्दभूमि जल को प्रदूषण से मुक्त बनाता हैं।  यह भी पढ़ें: 👉  23 March 1931 Shahid Diwas आर्दभूमि का महत्त्व  प...

सकट चौथ (Sakat Chauth) कब है जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और इस दिन किये जाने वाले उपायों के बारे में

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