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सेना चिकित्सा कोर स्थापना दिवस की शुरुआत क्यों हुई | Army Medical Corps Establishment Day history in hindi

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जहां एक ओर दुनिया सैनिको को "लौह पुरुष" के रूप में देखा जाता है वहीं दूसरी ओर वे आम लोगों की तरह ही बीमार पड़ते है । युद्धभूमि में घायल होते है लेकिन सेना के चिकित्सक उन्हें नया और स्वस्थ जीवन देते है और उन्हें फिर से खड़े होने के लिए तैयार करते है । क्योंकि केवल एक चुस्त-दुरुस्त सिपाही ही जमीन पर, आकाश में अथवा समुद्र में अगले दिन युद्ध करने के लिए जीवित रह सकता है । आज हमे आपको इस लेख में बताएँगे सेना चिकित्सा कोर ( Army Medical Corps)  से जुडी कुछ खास बातें ।  Army Medical Corps Establishment Day सेना चिकित्सा कोर की शुरुआत कैसे हुई? (army medical corps history) आर्मी मेडिकल कोर स्थापना दिवस -  सबसे पहले ईस्ट इंडिया कंपनी ने सन 1745 में अपने सैनिकों के लिए मिलिट्री सर्जनों को नौकरी पर रखना शुरू किया था।भारत में चिकित्सा सेवाओं की शुरुआत सन 1764 में हुई और बंगाल चिकित्सा सेवा का स्थापना किया गया। इसके बाद मद्रास और बंबई चिकित्सा सेवा सेवाएं सन 1767 और 1779 से शुरू हुआ।  यह भी पढ़ें: 👉 राष्ट्रीय युवा दिवस वे सभी क्रमश बंगाल, मद्रास बंबई की तीन फ़्रेसीडेंसी सेनाओं...

क्या आप जानते हैं 2025 (Festivals of India) में किस माह में कौन सा व्रत, त्यौहार है

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Festivals of India 2025 भारत के त्यौहार-  भारत अनेकता में एकता का देश है। भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, जो 4,000 साल से भी अधिक पुरानी है और इसने कई रीति-रिवाजों और परंपराओं का मिश्रण देखा है। यह देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत को दर्शाता है। दुनिया के लगभग सभी धर्म और संप्रदाय भारत में मौजूद हैं, जिन्हें सभी प्रकार की धार्मिक स्वतंत्रता है और वे अपनी परंपरा के अनुसार अपने-अपने त्योहार मनाने के लिए स्वतंत्र हैं।  हमारे त्यौहार या त्यौहार केवल उत्सव नहीं हैं जिन्हें उल्लास और उल्लास के साथ मनाकर औपचारिकता पूरी की जाती है, बल्कि अधिकांश त्योहारों की एक संस्कृति, एक इतिहास और एक परंपरा होती है। भारत में लगभग हर महीने कोई न कोई त्योहार जरूर आता है और देश का हर नागरिक इन त्योहारों का खूब लुत्फ उठाता है। भारत में हर त्योहार का अपना इतिहास, पौराणिक कथा और मनाने का विशेष महत्व है। विदेशों में रहने वाले भारतीय भी भारत के त्योहारों को बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाते हैं। जनवरी 2025 में पड़ने वाले व्रत, त्यौहार (January Festivals in India) 2 जनवरी दिन शनिवार ...

पापांकुशा एकादशी कब है | Papankusha Ekadashi 2021 Date, Puja Vidhi, Vrat Katha in Hindi

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शास्त्रों में एकादशी व्रत का बहुत अधिक महत्त्व बताया गया है। हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते है। इस दिन भगवान पद्मनाथ का पूजन किया जाता है। कहा जाता है की इस एकादशी का व्रत करने से व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को तप के समान फल की प्राप्त होते है। इस दिन भगवन विष्णु जी की पूजा करने से व्यक्ति की सम्पूर्ण मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। आज हम आपको को इस लेख में साल 2021 आश्विन मास की पापांकुशा एकादशी व्रत की सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि,  व्रत के पारण का समय, नियम और इस व्रत के उपाय के बारे में बताएँगे।  य ह भी पढ़ें:   देवउठनी एकादशी क्यों मनाया जाता है? जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा के बारे में सम्पूर्ण जानकरी | Dev Uthani Ekadashi 2021  पापांकुशा एकादशी  पापांकुशा एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त 2021 साल 2021 में आश्विन शुक्ल पापांकुशा एकादशी का व्रत 16 अक्टूबर शनिवार के दिन रखा जायेगा।  एकादशी तिथि प्रारंभ होगा - 15 अक्टूबर सायंकाल 6 बजकर 2 मिनट...

पितृ पक्ष की सर्वपितृ अमावस्या कब है | Sarvapitri Amavasya 2021 Date, Muhurt, Vidhi, Upay in Hindi

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पितृ पक्ष में पड़ने वाली अमावस्या को सर्व पितृ अमावस्या, पितृ विसर्जन अमावस्या, बड़मावस या मोक्ष अमावस्या भी कहा जाता है। पितृ पक्ष में सर्वपितृ अमावस्या की तिथि बहुत ही विशेष मानी गयी है। यह श्राद्ध पक्ष की आखिरी तिथि होती है। पंचांग के अनुसार आश्विन मास की इस अमावस्या तिथि को उन पितरों का श्राद्ध व तर्पण किया जाता है जिनकी तिथि ज्ञात नहीं होती है। मान्यता के अनुसार इस दिन पितरों की विदाई होती है इसलिए उनके निमित्त इस तिथि में किये गए उपाय से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। आज हम आपको इस लेख में साल 2021 की सर्वपितृ अमावस्या की सही तिथि , शुभ मुहूर्त, विधि और इस दिन किये जाने वाले उपायों के बारे में बताएँगे।  यह भी पढ़ें: आषाढ़ी हलहारिणी अमावस्या कब है 2021 में | Halharini Amavasya 2021 Date, Puja Vidhi, upay in Hindi     सर्वपितृ अमावस्या  सर्वपितृ अमावस्या शुभ मुहूर्त 2021  साल 2021 में सर्वपितृ अमावस्या बुधवार  6 अक्टूबर को है।  अमावस्या तिथि प्रारंभ होगा - 5 अक्टूबर सायंकाल 7 बजकर 4 मिनट पर।  अमावस्या ति...

इंदिरा एकादशी कब है | Indira Ekadashi 2021 Date, Puja Vidhi, Importance, Vrat Katha in Hindi

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पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाता है। पितृ या श्राद्ध पक्ष में आने के दौरान इसका महत्त्व और भी अधिक बढ़ जाता है। इसे पितृ एकादशी भी कहते है। मान्यता है की इस एकादशी का व्रत रखने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना और व्रत रखना बहुत ही शुभ माना जाता है। आज इस लेख में हम आपको साल 2021 अश्विन मास की इंदिरा एकादशी व्रत तिथि , पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, नियम और इस दिन पितरों को मोक्ष दिलाने वाले विशेष उपाय के बारे में बताएँगे।  य ह भी पढ़ें:   देवउठनी एकादशी क्यों मनाया जाता है? जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा के बारे में सम्पूर्ण जानकरी | Dev Uthani Ekadashi 2021  इंदिरा एकादशी व्रत  इंदिरा एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त 2021 (indira ekadashi kab hai 2021) साल 2021 में इंदिरा एकादशी का व्रत शनिवार 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। एकादशी तिथि प्रारंभ होगा - 1 अक्टूबर रात्रि 11 बजकर 3 मिनट पर।  एकादशी तिथि समाप्त होगा - 2 अक्टूबर द...

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है | Vighnaraja Sankashti Chaturthi 2021 Date, Puja Vidhi in Hindi

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पंचांग के अनुसार हर मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि संकष्टी चतुर्थी कहलाता है।  अश्विन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है।   संकष्टी चतुर्थी का यह व्रत सभी देवों में प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी को समर्पित है। कहा जाता है कि जो भी इस दिन व्रत रखकर श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना करता है तो उसके जीवन के सभी संकटों का नाश होता है और उसे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आज इस लेख में हम आपको अशिवन मह पितृपक्ष में आने वाली गणेश विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी व्रत की शुभ तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दौरान किये जाने वाले उपाय के बारे में बताएँगे।   यह भी पढ़ें:   सकट चौथ (Sakat Chauth) कब है जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और इस दिन किये जाने वाले उपायों के बारे में  विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी व्रत  गणेश संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2021  साल 2021 में संकष्टी चतुर्थी 24 सितंबर शुक्रवार को है।  चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगा - 24 सितंबर प्रातःकाल 8 बजकर 29 मिनट पर।  चतुर...

भाद्रपद पूर्णिमा कब है | Bhadrapada Purnima 2021 Date, Puja Vidhi, Vrat Importance in Hindi

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पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली पूर्णिमा को भाद्रपद पूर्णिमा कहा जाता है। शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्त्व बताया गया है। इस दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायन रुप की पूजा-अर्चना करने का विधान है। बहुत सी जगहों पर इस दिन उमा-महेश्वर व्रत भी रखा जाता है। इस माह की पूर्णिमा तिथि के दिन से ही पितृ पक्ष भी प्रारम्भ होते हैं, जो आश्विन अमावस्या तक चलते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा को पूर्णिमा श्रद्धा होता है। आज हम आपको इस लेख में साल 2021 भाद्रपद पूर्णिमा व्रत की सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पितृ पक्ष के नियम और इस विशेष तिथि पर किये जाने वाले उपायों के बारे में बताएँगे।  यह भी पढ़ें:   शरद पूर्णिमा कब मनाया जाता है - Sharad Purnima Kab Hai  भाद्रपद पूर्णिमा कब है  भाद्रपद पूर्णिमा शुभ मुहूर्त 2021 साल 2021 में भाद्रपद पूर्णिमा - 20 सितंबर सोमवार को है।  पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगा - 20 सितंबर दिन सोमवार को प्रातःकाल 5 बजकर 28 मिनट पर।  पूर्णिमा तिथि सम...