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हिन्दू युवा वाहिनी स्थापना दिवस कब मनाया जाता है? | Hindu Yuva Vahini Kya Hai?

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हिन्दू युवा वाहिनी (Hindu Yuva Vahini) एक हिंदूवादी संगठन है, जिसके संस्थापक गोरक्षपीठाधीश्वर गोरक्षपीठ गोरखपुर, (मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश)  परमपूज्य महाराज हिन्दू ह्रदय सम्राट महंत योगी आदित्यनाथ महाराज जी है ।  हिन्दू युवा वाहिनी संगठन ( hindu yuva sangathan)   की स्थापना वर्ष 2002 के अप्रैल माह में श्री राम नवमी के पावन पर्व पर पूजनीय महंत योगी आदित्यनाथ जी ने महानगर के कुछ राष्ट्रवादी नवयुवकों को संगठित कर Hindu Yuva Vahini की आधारशिला रखी।  अपने दृढ़ निश्चय एवं पारदर्शी क्रिया कलापों के कारण मात्र 9 वर्षों के अल्पकाल में ही  हिन्दू  युवा वाहिनी ने राष्ट्रवादी जनमानस का विश्वास प्राप्त किया है। जिसका विस्तार उत्तर प्रदेश के सभी 72 जनपदों के 86 इकाईयों में हुआ है।  यह भी पढ़ें: क्या आप जानते है? राष्ट्रीय समुद्री दिवस (National Maritime Day) कब मनाया जाता है  हिन्दू युवा वाहिनी स्थापना दिवस हिन्दू युवा वाहिनी स्थापना दिवस कब मनाया जाता है? (Hindu Yuva Vahini Sthapana diwas) हिन्दू युवा वाहिनी संगठन ( hindu yuva s...

जाने कब से शुरू हो रहा है हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082 | Hindu Nav Varsh 2025

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रात में दिन नही बदलता, जनवरी में नव वर्ष नहीं आता। जी हाँ दोस्तों अपनी भारतीय संस्कृति का ज्ञान न होने के कारण आज हिन्दू भी 31 दिसम्बर की रात्रि में एक दूसरे को Happy New Year  कहते हुए नव वर्ष की शुभकामनाये देते है।  आज के युग में अंग्रेजी कलेंडर का प्रचलन अत्यधिक तथा सर्वव्यापी हो गया है ।  किन्तु उससे भारतीय कैलेण्डर का महत्त्व कभी कम नहीं किया जा सकता हमारे प्रत्येक त्यौहार एवं व्रत, उपवास, युगपुरुषों की जयंती या पुण्यतिथि, विवाह तथा अन्य शुभ कार्यों के शुभमुहूर्त आदि सभी भारतीय कलेण्डर अर्थात हिन्दू पंचांग के अनुसार ही देखे जाते है। सम्पूर्ण विश्व में नव वर्ष का उत्सव प्रति वर्ष एक जनवरी के दिन ही बड़े धूम-धाम तथा हर्षो उल्लास के साथ मनाया जाता है यह नव वर्ष अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है किन्तु भारतीय सनातन पंचांग के अनुसार नव वर्ष चैत्र मास में मनाया जाता है जिसे  नव संवत्सर भी कहा जाता है। तो आइये जानते है अपने हिन्दू सनातन संस्कृति नव वर्ष के बारे में।  Hindu Nav Varsh 2025  hindu nav varsh 2025 date हिन्दू नव व...

खरमास कब से प्रारम्भ है और इसकी कथा क्या है? | kharmas kab se hai

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धार्मिक व ज्योतिष अनुसार जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते है तो खरमास प्रारम्भ हो जाता है । खरमास लगते ही सभी प्रकार के मांगलिक कार्यो में रोक लग जाता है । साल 2025 में खरमास 15 दिसंबर से लगने जा रहा है  जो की 14 जनवरी 2025  को समाप्त होगा ।  शास्त्रों में पौष माह को खरमास का महीना माना गया है । इस माह में भले ही मांगलिक कार्य न किये जाते हो लेकिन यह माह भगवान की पूजा-अर्चना की दृष्टि से बेहतर माना गया है । आज इस लेख में मैं आपको साल 2024 खरमास कब से कब तक रहेगा, खरमास में की जाने वाली पूजा और इस माह में क्या करें, क्या ना करें इन सभी बातों के बारे में बताएंगे ।  यह भी पढ़ें: हिन्दू नववर्ष kharmas kab se hai खरमास 2024 कब से कब तक (kharmas kab se hai) खरमास प्रारम्भ होगा - 15 दिसंबर रात्रि 10 बजकर 19 मिनट पर।  खरमास समाप्त होगा - 14 जनवरी सुबह 4 बजकर 57 मिनट पर। साल 2024 में खरमास 15 दिसंबर रविवार  से लगने जा रहा है। 15 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में गोचर करेंगे जिसके साथ ही खरमास प्रारम्भ होगा।इसे धनु संक्रांति भी कहते है। खरमास का समा...

राष्ट्रीय गणित दिवस क्यों मनाया जाता है | Ganit Divas Kab Manaya Jata Hai

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भारत ने सम्पूर्ण विश्व के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत योगदान दिया है ।भारत की धरती पर अनेक ऐसे वैज्ञानिक तथा गणितज्ञों ने जन्म लिया।जिन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई बुलंदी पर पहुँचाने का काम किया है। प्राचीन काल से भारत और गणित के मध्य का रिश्ता अटूट रहा है क्योकि भारत ही वह देश है जिसने पूरी दुनिया को गणित के सबसे महत्वपूर्ण अंक शून्य, नकारात्मक संख्या, दशमलव प्रणाली, बीजगणित, त्रिकोणमिति जैसे विषयों से अवगत कराया था।  यह भी पढ़ें: 👉 राष्ट्रीय युवा दिवस 22 दिसंबर 1887 को तमिलनाडु के ईरोड में एक ऐसे महान भारतीय गणितज्ञ जन्म होता है जिसकी गिनती आधुनिक काल के महानतम गणित विचारकों होता है। इस महान गणितज्ञ का नाम श्रीनिवास रामानुजन इयंगर था।  इनको गणित कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला था इसके बावजूद इन्होने अपनी  लगन  से ना केवल गणित के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किये अपितु भारत को वैश्विक स्तर पर गौरव प्रदान कराने का भी काम किया था। इनके द्वारा गणित के लिए दिए गए अतुलनीय योगदान को ध्यान में रखते हुए  राष्ट्रिय गणित दिवस 22 दिसंबर ...

मजदूर दिवस कब मनाया जाता है | Majdoor Diwas Kab Manaya Jata Hai

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अक्सर सुनने को मिल ही जाता है कि कहीं पर बिल्डिंग बनते बनते गिर गई हादसा हो गया हादसों में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा मजदूरों की होती है कहने को तो मुआवजा मृतक के परिजनो के सान्त्वना के लिए होता है वास्तव में मजदूरों के मूलभूत प्रश्नों से पीछा छुड़ाने का जरिया बन गया है मजदूर होने का इतना ही अर्थ है क्या मजदूर सिर्फ दूसरों को सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ही होते हैं श्रमिकों और उनके श्रम के प्रति समाज और राज्य की कोई नैतिक व वैधानिक जिम्मेदारी नहीं है ।   इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस हर साल 1 मई (1 May) को मनाया जाता है इसे International Worker;s Day, Labour Day या मई दिवस भी कहते हैं ।  इस देश के लगभग सभी कंपनियों में छुट्टी रहती है भारत ही नहीं दुनिया क़रीब 80 देशों में इस दिन राष्ट्रीय छुट्टी होती है जैसा की हम जानते है कि मजदूर अपना श्रम बेचकर न्यूनतम मजदूरी प्राप्त करता है इसीलिए इंटरनेशनल लेबर यूनियन को बढ़ावा देने के लिए मजदूर दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है । majdoor diwas भारत में Labour Day की श...

भारतीय नौसेना दिवस कब मनाया जाता है | nausena divas kab manaya jata hai

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भारत में नौसेना दिवस नौसैनिक बल की शान एवं उपलब्धयों को दर्शाने के लिए मनाया जाता है इसका नेतृत्व भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय नौसेना के कमांडर इन चीफ में किया जाता है। भारतीय नौसेना भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है जो की 56 सौ सालो के अपने गौरवशाली इतिहास के साथ न केवल भारतीय सामुद्रिक सीमाओं अपितु भारतीय संभ्यता एवं संस्कृति की रक्षक बानी हुई है।   यह भी पढ़ें: भारतीय वायु सेना दिवस Indian Air Force Day कब मनाया जाता है भारतीय नौसेना दिवस  देश के तीन सेनाओं में से एक नौसेना यह अपने सर्व श्रेष्ठ रूप में है जय यह दुनिया की सबसे बड़ी नौसेनाओं में शामिल है। क्या आप जानते है भारतीय नौसेना दुनिया की शीर्ष दस नौसेनाओं में से एक है और इसका स्थान 7वें नंबर पर आता है। भारतीय नौसेना के पास 67000 कर्मचारी है और 295 नाइसेना सम्पत्तियाँ है। यह दक्षिण एशिया में सबसे शक्तिशाली नौसेना मानी जाती है।  यह भी पढ़ें: 👉 16 December  विजय दिवस   नौसेना दिवस क्यों मनाया जाता है  भारत को सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखते हुए भारतीय सेना को तीन भागों में बाटा गया ...