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विश्व नेत्रदान दिवस कब मनाया जाता है? | World Eye Donation Day 2023, Uddeshy, Essay in Hindi

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हर व्यक्ति यह चाहता है की ऐसा कुछ करे की मृत्यु के बाद भी समाज उसे याद करें या फिर वह अमर हो जाये, लेकिन अमर होने के लिए कुछ असाधारण काम करने होते है। जैसे में नेत्रदान, रक्दान, अंगदान इत्यादि। ये असाधारण कार्य करके मृत्यु के बाद भी जीवित रहने का यह मौका हर व्यक्ति को मिलता है परन्तु कितने लोग इन असाधारण कार्यों को अंजाम दे पाते है।  बहुत कम लोग लगभग न के बराबर। लेकिन अंतिम समय में व्यक्ति के यह बात जरुर आती है की काश! मैं भी कुछ असाधारण काम कर पाता या कर पाता, कुछ अच्छा काम कर पाता ताकि मेरा अगला जीवन बेहतर हो जाए। आज इस लेख में हम आपको विश्व नेत्रदान दिवस कब मनाया जाता है, राष्ट्रीय नेत्रदान दिवस पर निबंध,  netradan par nibandh,  नेत्रदान दिवस 2023,  eye donation essay in hindi,  क्या होता है नेत्रदान दिवस,  नेत्र दान दिवस,  नेत्रदान दिवस का उद्देश्य  इत्यादि के बारे में आपको जानकारी देंगे।  यह भी पढ़ें: 👉  विश्व बाल श्रम निषेध दिवस कब और क्यों मनाया जाता है    विश्व नेत्रदान दिवस या विश्व दृष्ट...

विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस कब मनाया जाता है? | World Brain Tumor Day 2022, Theme, Uddeshy, Lakshan, Upchar in Hindi

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दुनिया में हर चीज का दिवस जरूर है और लोग अलग-लग दिवस को अलग-अलग उद्देश्य के साथ मनाते भी हैं। इन्ही दिवसों में से एक है विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस। विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस हर साल जून माह की 8 तारीख को मनाया जाता है। बताया जाता है की 8 जून को मनाये जाने वाले World Brain Tumor Day  को सबसे पहले जर्मन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन द्वारा मनाया गया था।  हर दिवस को मनाने के पीछे कोई न कोई उद्देश्य जरूर होता है और ऐसे ही ब्रेन ट्यूमर दिवस को मनाने के पीछे भी एक उद्देश्य है।  इस दिवस पर विश्व के अनेक देशों में बीमारी से सम्बंधित जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। और साथ ही इस बीमारी उपचार एवं लक्षणों के बारे में भी जानकारियां दी जाती है।  यह भी पढ़ें: 👉  विश्व बाल श्रम निषेध दिवस कब और क्यों मनाया जाता है    विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस  विश्व  ब्रेन ट्यूमर दिवस क्यों मनाया जाता है?   8 जून को पुरे विश्व में ब्रेन ट्यूमर दिवस मनाया जाता है।  ब्रेन ट्यूमर जैसी समस्या विश्व भर में बढ़ती ही जा रही है। लोग रेडिएशन के संपर्क...

विश्व महासागर दिवस कब मनाया जाता है? | World Ocean Day 2022 Theme, History in Hindi

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8 जून 2009 को पहला विश्व महासागर दिवस मनाया गया था। इसके बाद हर साल 8 जून को दुनिया भर में विश्व महासागर दिवस मनाया जाता है। यह दिवस सन 1992 में रियो डी जनेरियो में हुए पृथ्वी गृह नमक फोरम में प्रतिवर्ष विश्व महासागर दिवस मनाने के फैसले के बाद वर्ष 2008 में संयक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस संबंध में आधिकारिक मान्यता दिए जाने दिए जाने के बाद से मनाया जाता है।  महासागर हमारी पृथ्वी पर न सिर्फ जीवन का प्रतीक है बल्कि पर्यावरण संतुलन में भी प्रमुख भूमिका करता है। पृथ्वी पर जीवन का आरंभ महासागरों से माना जाता है। महासागरीय जल में ही पहली बार जीवन का अंकुर फूटा था। आज महासागर असीम जैव विविधता का भंडार है। हमारे पृथ्वी का लगभग 70% भाग महासागरो से घिरा हुआ है। महासागरों में पृथ्वी पर उपलब्धय समस्त जल का लगभग 97% जल समाया है। महासागरों की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यदि पृथ्वी के सभी महासागरों को एक विशाल महासागर मान लिया जाय तो उसकी तुलना में पृथ्वी के सभी महाद्वीप एक छोटे द्वीप से प्रतीत होंगे। मुख्यतः पृथ्वी ...

आषाढ़ मास कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी 2021 व्रत तिथि कब है | sankashti chaturthi 2021, Shubh Muhurt Date, Vrat vidhi, Upay in hindi

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शस्त्रों के अनुसार प्रत्येक मास में शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में चतुर्थी तिथि आती है हिंदी पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को  कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी मनाया जाता है। मान्यता है की चतुर्थी का व्रत ककरने से व्यक्ति को रिद्धि-सिद्धि और सम्स्त की प्राप्ति होती है। इस व्रत में भगवान श्री गणेश का पूजन किया जाता है। आज हम आपको इस लेख में आषाढ़ माह कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी व्रत तिथि, शुभ मुहूर्त, इस दिन बन रहे शुभ योग, पूजा विधि और इस दिन सुख समृद्धि व धन प्राप्ति के लिए किये जाने वाले उपाय के बारे में बताएँगे।  यह भी पढ़ें:   संकष्टी चतुर्थी 2021 में (Sankashti Chaturthi) कब है? जाने शुभ मुहूर्त, तिथि, पूजा विधि एवं इसके महत्त्व में     आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी 2021  कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2021 (Sankashti Chaturthi 2021) साल 2021 में कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी का व्रत 27 जून रविवार के दिन रखा जायेगा। चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगा - 27 जून शाम 3 बजकर 54 मिनट पर।  चतुर्थी तिथि समाप्त होगा...

क्या आप जानते है विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को ही मनाया जाता है? | World Environment Day Theme 2022 Essay, Quotes in Hindi

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क्या आप जानते है विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को ही मनाया जाता है? | World Environment Day Theme 2022 Essay, Quotes in Hindi पर्यावरण दिवस एक अभियान है, जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व भर में पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए मनाया जता है।इस अभियान को शुरू करने का लक्ष्य वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केंद्रित करना और लोगों को हमारे ग्रह पृथ्वी के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करना है। पर्यावरण शब्द परि+आवरण के संयोग से बना हुआ है। पारी का आशय चारों और तथा आवरण का आशय परिवेश हैं। वास्तव में पर्यवरण में वायु, जल, भूमि, पेड़-पौधे, जिव-जंतु, मानव और इसकी विविध गतिविधियों के परिणाम आदि सभी का समावेश होता है। इस धरती और सृष्टि के पर्यावरण का निर्माण करने वाले भूमि, जल एवं वायु आदि तत्वों में जब कुछ विकृति आ जाती है अथवा इसका आपस में संतुलन गड़बड़ा जाता है, तब पर्यावरण प्रदूषित होता है।  यह भी पढ़ें: 👉  विश्व बाल श्रम निषेध दिवस कब और क्यों मनाया जाता है    विश्व पर्यावरण ...

संत कबीर दास जयंती कब मनाया जाता है? | Kabir Das Jayanti 2021 | Sant Kabir Das ke Dohe in Hindi

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काल करे सो आज कर, आज करे सो अब।  पल में परलय होएगी, बहुरि करेगा कब।। यह देहा हम बचपन से किसी ना किसी के द्वारा सुनते आ रहे है। इस दोहे के रचयिता संत कबीर दास जी के और भी अनेकों दोहे हमारे जीवन शैली में प्रयोग में लाये जाते है।  संत कबीर दास जी 15वीं सदी यानि मध्यकालीन युग के प्रसिद्ध भारतीय रहस्यवादी कवि और संत थे। जिनके रचनाएं आज भी पढ़े जाते है। भक्तिकाल के उस दौर में कबीर दास जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज सुधार में लगा दिया था।  कबीर जी के जन्म के विषय में अलग-अलग मत है। खा जाता है की संवत 1455 में सं 1398 के आस-पास लहरतारा ताल काशी के समक्ष ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को उनका जन्म हुआ था। उन्हीं की याद में प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को कबीर जयंती मनाया जाता है।  यह भी पढ़ें:   विश्वकर्मा जयंती  संत कबीर दास जयंती  कबीर दास जी के विचार (Kabir Das ji ke Vichar) कबीरदास जी (Kabir Das)  का प्रादुर्भाव उस समय हुआ था, जब देश में राजनितिक दृष्टि से चरों और अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था का आ...

दादा भाई नौरोजी (Dadabhai Naoroji) जयंती और पुण्यतीति कब है? | Dadabhai Naoroji Biography in Hindi

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दादा भाई नौरोजी  Dadabhai Naoroji  एक महान स्वतंत्रता सेनानी, राजनेता, लेखक, शिक्षकम कपास के व्यापारी, सामाजिक नेता थे। वे पारसी संप्रदाय से संबंध रखते थे। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। वह भा रत का वयोवृद्ध पुरुष (Grand Old Man of India) के नाम से भी प्रसिद्द है। उनको भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का रचयिता कहा जाता है।  दादा भाई नौरोजी ने ये ओ ह्यूम और दिन्शाव एदुल्जी के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी बनाई थी।दादाभाई राष्ट्रीय  भारतीय कांग्रेस के तीन बार अध्यक्ष चुने गए थे। वे पहले भारतीय थे जो किसी कालेज में प्रोफ़ेसर के रूप में नियुक्त हुए थे। 1892 से 1895 तक दादाभाई यूनाइटेड किंगडम के हॉउस ऑफ़ कॉमन्स के सदस्य बने। 1906 में पहली बार कांग्रेस पार्टी ने ब्रिटिश सरकार से स्वराज की मांग की थी। यह विचार दादा भाई नौरोजी ने सबके सामने प्रस्तुत किया था।  यह भी पढ़ें:   विश्वकर्मा जयंती  दादा भाई नौरोजी जयंती  दादा भाई नौरोजी की जयंती कब है? - Dadabhai Naoroji Jayanti Kab Ha...