दोस्तों आज इस लेख में मै आपको Internation Leteracy day इसके बारे में जानकारी दूंगा इसे हिंदी में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस कहा जाता है। आज मै आपको बताउंगा यह कब मनाया जाता है, क्यों मनाया जाता है, कब से इसकी शुरुआत हुई इससे जुडी जो भी छोड़ी-बड़ी जानकारी है मै आपको इस लेख international literacy day in hindi, saksharta divas kab manaya jata hai, अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस कब मनाया जाता है, rashtriya saksharta divas kab manaya jata hai में देने वाला हूँ।
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विश्व साक्षरता दिवस कब मनाया जाता है (vishva saksharta divas kab manaya jata hai)
विश्व साक्षरता दिवस कब मनाया जाता है - पुरे विश्व में 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है इसका उद्देश्य व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामाजिक रूप से साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालना है। यह उत्सव दुनिया भर में मनाया जाता है पूरी दुनिया साक्षरता बढ़ाने के लिए इसे मनाया जाता है। आज भी विश्व में अनेक लोग निरक्षर है इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्व में सभी लोगो को शिक्षित करना है। प्रत्येक वर्ष 8 सितंबर के दिन विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाता है।
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साक्षरता दिवस हर साल 8 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों में साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शिक्षा के माध्यम से समाज में प्रगति को प्रोत्साहित करना है। इसे पहली बार वर्ष 1967 में मनाया गया था।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस कब मनाया जाता है (antrashtriy saksharta divas kab manaya jata hai)
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस हर साल 8 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन शिक्षा और साक्षरता के महत्व को उजागर करने के लिए मनाया जाता है। इसकी शुरुआत यूनेस्को (UNESCO) ने 17 नवंबर 1965 को की थी, और इसे पहली बार 1967 में मनाया गया था।
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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस हर साल 8 सितंबर को मनाया जाता है।
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World Literacy Day (अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस) हर साल 8 सितंबर को मनाया जाता है।
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International Literacy Day हर साल 8 सितंबर को मनाया जाता है।
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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस क्यों मनाया जाता है?
बच्चे, वयस्क, महिलाओं और बूढ़ों को साक्षर बनाना ही इसका मुख्य लक्ष्य है मानव विकास और समाज के लिए उनके अधिकारों को जानने और साक्षरता की ओर मानव चेतना को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। भारत में यह देश दुनिया में गरीबी को मिटाना, बाल मृत्यु दर को कम करना, जनसंख्या वृद्धि को नियत्रित करना, लैंगिक समानता को प्राप्त करना आदि को जड़ से उखाड़ना बहुत जरुरी है यह क्षमता सिर्फ साक्षरता हमे है जो परिवार और देश के प्रतिष्ठा को बढ़ा सकता है।
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साक्षरता दिवस लगातार शिक्षा को प्राप्त करने की ओर लोगों को बढ़ावा देने हेतु और परिवार समाज तथा देश के लिए अपनी जिम्मेदार को समझने के लिए मनाया जाता है। इस दिवस को व्यक्ति, समाज व समुदाय के लिए साक्षरता के बड़े महत्त्व को ध्यान दिलाने के लिए विष भर में मनाना शुरू किया गया इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए वयस्क शिक्षा और साक्षरता की दर को ध्यान दिलाने के लिए खास तौर पर मनाया जाता है।
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राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण
राष्ट्रिय स्तर की शीर्ष एजेंसी है राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण वर्ष 1988 से अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाता है। स्वतंत्रता के बाद से निरक्षरता समाप्त करना भारत सरकार के लिए प्रमुख चिंता का विषय रहा है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर निरक्षरता समाप्त करने के लिए जन जागरूकता को बढ़ावा और प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रमो के पक्ष में वातावरण तैयार किया जाता है।
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इस दिवस पर यूनिस्को द्वारा अपने मुख्यालय पेरिस में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार दिए जाते है इस श्रेणी में पांच पुरस्कार शामिल होते है। इंटरनेशनल रीडिंग एसोसिएशन साक्षरता पुरस्कार, नोमा साक्षरता दिवस, यूनेस्को किंग, सेजोंग साक्षरता पुरस्कार, द मालकॉम एडीसेशिया अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार एवं यूनेस्को कन्फ्यूशियस साक्षरता पुरस्कार।
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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की शुरुआत कैसे हुई
17 नवम्बर 1965 को यूनेस्को ने 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस घोषित किया। इसको पहली बार 1966 में मनाया गया इसका उद्देश्य व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामाजिक रूप से साक्षरता के महत्व पर प्रकश डालना है। साक्षर का अर्थ होता है शिक्षित होना परन्तु शिक्षित होने का अर्थ केवल अक्षर ज्ञान और पढाई-लिखाई जानना नहीं होता बल्कि इसका अर्थ है की व्यक्ति को अपने कर्तव्यों एवं अधिकारों का बोध हो जिससे उसका शोषण ना हो और यह एक सफल जीवन की ओर बढ़े। जीवन के लिए भोजन के साथ-साथ साक्षर होना, शिक्षित होना भी अत्यंत आवश्यक है।
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शिक्षा को अंग्रेजी में Education कहते है, Education एक लैटिन शब्द एडुकारी से आता है जिसका अर्थ है जो हमारे भीतर है उसे बहार लाना अर्थात हमारा हमसे ही परिचय तो ये वर्ड एजुकेशन ये खुद हमसे डिमांड करता है कि सबसे पहले हम खुद को जाने खुद को सही रूप में समझे एजुकेशन अर्थात शिक्षा चरित्र के विकास से प्रारम्भ होती है। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस भारत ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में मनाया जाता है।
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भारत और उनके राज्यों का साक्षरता प्रतिशत दर
दोस्तों वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 22 प्रतिशत लोग अनपढ़ है केरल भारत का सबसे अधिक साक्षर राज्य है। जिनमे 93.91 लोग शिक्षित है इसके बाद लक्षदीप में 92.28%, मिजोरम में 91.58%, त्रिपुरा में 87.75% एवं गोवा में 87.40% लोग शिक्षित है। बिहार और तेलंगाना में सबसे कम लोग शिक्षित है बिहार में 63.82% एवं तेलंगाना में 66.50% लोग शिक्षित है। वर्ष 2014 में भारत की साक्षरता दर में 10% बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
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धार्मिक आधार पर साक्षरता प्रतिशत दर
धार्मिक आधार पर आंकड़ों के अनुसार भारत के मुश्लिमों में सबसे अधिक 42.72% लोग अशिक्षित है, हिन्दुओं में 36.40%, सिखों में 32.49%, बौद्ध लोगो में 28.17% एवं ईसाइयो में 25.66% लोग अशिक्षित है। जैन सबसे अधिक शिक्षित है इनमे 86,73% लोग शिक्षित है जबकि 13.57% अशिक्षित है भारत में लगभग 61.6% पुरुष एवं 38.4% महिलाएं स्नातक स्तर से ऊपर पढ़े हुए है।
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इस दिन स्कूल कालेजों में लेखन, व्याख्यान, भाषण, कविता, खेल, निबंध, चित्रकला, गीत, गोल में चर्चा, सेमिनार जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। शिक्षक अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर भाषण देते है इस दिवस पर न्यूज़ चैनल के द्वारा खबरों का प्रसारण एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस किया जाता है। टीवी पर अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस से जुडी समस्या पर कार्यक्रम दिखाया जाता है इस दिन ऐसी संस्थाओं को पुरस्कृत किया जाता है जो देश और दुनिया में लोगो को पढ़ाने का काम कर रही है। साक्षरता बढ़ने के लिए लोगो के बीच जागरुकता के अलावा उनको प्रोत्साहन देना होगा।
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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2021 थीम (theme of international literacy day 2021)
- साल 2021 की थीम "मानव-केंद्रित पुनर्प्राप्ति के लिए साक्षरता: डिजिटल विभाजन को कम" रखा गया है।
- साल 2020 की थीम "Literacy and skills development" है यानि "साक्षरता और कौशल विकास" रखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर भाषण
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर भाषण
साक्षरता का महत्व:
भारत में साक्षरता की स्थिति:
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस का इतिहास:
हमारी जिम्मेदारी:
साक्षरता दिवस पर कविता
साक्षरता दिवस पर कविता
साक्षरता दिवस पर निबंध (saksharta divas per nibandh)
साक्षरता दिवस पर निबंध
भूमिका:
साक्षरता का महत्व:
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का इतिहास:
भारत में साक्षरता की स्थिति:
साक्षरता दिवस का महत्व:
निष्कर्ष:
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1 टिप्पणियाँ
आपको बहुत सफल होना चाहिए, मुझे वही पसंद है जो मैंने पढ़ा है
जवाब देंहटाएंजय श्री राम
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